"महल की बात महली ही जाने"
- श्री भगवत रसिक - भगवत रसिक की वाणी
केवल निकुंज महल की सखियाँ ही महल की बात जानती हैं और वहां किसी की सामर्थ्य एवं गति नहीं हैं |
- श्री भगवत रसिक - भगवत रसिक की वाणी
केवल निकुंज महल की सखियाँ ही महल की बात जानती हैं और वहां किसी की सामर्थ्य एवं गति नहीं हैं |

