अस्तु में नरककोटि - श्री प्रबोधानंद सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.17)

अस्तु में नरककोटि - श्री प्रबोधानंद सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.17)

अस्तु में नरककोटिः सिध्यतु नेष्टं न चेश्वरो दयताम्।
श्रीराधाचरणाम्बुज मधुरिमलोभस्तु नो भवेच्छिथिलः।।

- श्री प्रबोधानंद सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.17)

मुझे कोटि नरक भोगने पडे, मनोरथों की प्राप्ति न हो, अथवा ईश्वर  मुझ पर दया न करें, किन्तु श्रीराधा चरण कमलों में मेरी लालसा कभी कम न हो।