करूणानिधि मम स्वामिनी, तुम पकरयौ मो हाथ।
अब करुणा करि लाड़िली, राखि अपने साथ॥
- श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विठ्ठल विपुल देव जू की वाणी
हे करुणानिधि स्वामिनी राधा प्यारी! अब कृपा कर आप ही मेरा हाथ पकड़ लीजिए और करुणा करके मुझे अपने साथ रख लीजिए।
अब करुणा करि लाड़िली, राखि अपने साथ॥
- श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विठ्ठल विपुल देव जू की वाणी
हे करुणानिधि स्वामिनी राधा प्यारी! अब कृपा कर आप ही मेरा हाथ पकड़ लीजिए और करुणा करके मुझे अपने साथ रख लीजिए।

